कोयतुर नार(गाँव) के वर्षा नियंत्रक परगना भिमाल की सेवा अर्जी कर बारिश की गुहार


दंतेवाड़ा – प्राकृतिक वर्षा ना होने से किसान इन दिनों परेशान है। खेतों में धान की बुवाई कर चुके आदिवासी किसान इन दिनों बारिश नहीं होने से परेशान है। सावन माह बीतने को है, लेकिन अभी तक क्षेत्र में जैसी वर्षा होनी चाहिए वैसी नहीं हुई है। जिसके चलते के सूखे पड़े हैं, और फसल खराब होने की कगार पर है। जिसके जिसे लेकर ग्रामीण आदिवासी भीमसेन पेन की सांकेतिक अस्तित्व पत्थर की सेवा अर्जी कर बारिश के लिए मनाने में लग गए हैं।

दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा के नकुलनार से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उदयला गांव के पहाड़ी के बीच पर भीमसेन पेन नामक पत्थर है, यहां पर पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि अगर जिस वर्ष कम वर्षा होती है। तो इस पहाड़ में आसपास क्षेत्र के लगभग 84 गांवों अर्थात एक परगना के आदिवासी लोग एकत्रित होकर भीमसेन पेन पत्थर की सेवा अर्जी कर उन्हें सेवा पुंगार अर्पित कर बारिश के लिए मनाते हैं। जिसके बाद इस पत्थर को हिलाया जाता है। अगर यह हिलता है तो वर्षा अच्छी होती है, अगर यह पत्थर नहीं हिला तो वर्षा कम होती है। मंगलवार को भीमसेन पत्थर को हिलाने दूर दराज से आदिवासी ग्रामीण यहां पहुंचे थे सेवा अर्जी के बाद इस पत्थर को हिलाया गया तो अपनी जगह से हिल गया है। जिसको लेकर ग्रामीण काफी खुश नजर आ रहे हैं और यह उम्मीद जता रहे हैं कि अब इस क्षेत्र में वर्षा अच्छी होगी ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा पुरखों से चली आ रही है। जब जब क्षेत्र में बारिश नहीं होती तब तब यहां 84 गांव के लोग एकत्रित होकर इसी तरह से भी भीमसेन पेन को मनाते हैं।

भीमसेन या भिमा पेन के बारे में बातचीत करने पर कोसो होड़ी लंकाकोट बताये कि”कोयतुर नार व्यवस्था में प्रत्येक गांव के परम्परागत सीमा क्षेत्र के भीतर भिमाल पेन की उपस्थिति रहती है। यह पेन भैंसासुर पेन के साथ गांव की जलस्रोत का नियंत्रण व नियमन करती है। वहीं भिमाल पेन उस गाँव की कन्या कोडो पेनों के द्वारा पानी गिरने के लिए बादल, संघनन व तापमान को नियंत्रित कर बारिश को नियंत्रित करते हैं। ऐसे ही परगना में हजोर भिमाल पेन होते हैं जो गाँव के भिमाल पेनों से पूरे परगना में बारिश को नियंत्रित करते हैं। यह व्यवस्था जितने कोयतुर नार परगना हैं सब जगह हैं। यह व्यवस्था प्रकृति की वेन व पेन ऊर्जा के द्वारा संचालित होते हैं। इन्ही व्यवस्था के तहत नकुलनार क्षेत्र के उदयला मट्टा के परगना भिमाल पेन की सेवा अर्जी किया गया है।”

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