आदिवासी की मानवता


_—————————————


“मानवता की महानता
आदिवासी ही जानता।;;
“”जिसने सबको अपना माना
आज दुनिया में बेगाना;;
“”जिसने सबको मान दिया
आज उसकी कोई पहचान नहीं;
“जिसने संस्कृति सभ्यता की बीज बोई।
आज असभ्य कह अपमान क्यों? होई।
“जल जंगल जमीन संस्कार में हमारी
पशु पक्षी जीव जंतुओं के प्रति सम्मान हमारी;;
” “प्रकृति सम्मत जीते हैं हम
प्रकृति अनुरूप मरते हैं हम ;;
“खेती-बाड़ी प्राचीन सभ्यता
जिससे किसी को ना कोई दुविधा;;
“हमारी व्यवस्था पुरखा के रास्ता
जीव जंतु जग जीनस को सजदा;;
“गोंडियन व्यवस्था मूल व्यवस्था
भाषा संस्कृति का जहां हुआ उद्गम;;
“प्राकृति पर्यावरण के साथ बना के समन्वय
माटी का कानून जिसने बनाया;;
“पेन पुरखा को साक्षी मानकर
सत्य का न्याय किया जिसने;;
“अपने पराए का भेद नहीं
जीवन जीने के अनुकूल बनाया;;
“सबका मान सबका सम्मान
मानव जाति को एक धागे में पिरोया;;
“सुंदर गांव निर्माण कर
माटी का कानून एक बनाया;;
“भाईचारे और बंधुत्व प्यारा
एक दूसरे के प्रति सम्मान हमारा;;
“जाने कहां से आई जातिवादी
हम एक दूसरे के हुए प्रतिवादी;;
“धर्म संस्कृति की लड़ाई
गांव बिगड़ा भाई भाई;;
“ऊंच नीच जाति पाती
अगला पिछड़ा की है लड़ाई;;
“जन्म माटी संस्कृति से दूर होती
पराई संस्कृति को लाढ़ती पोटरती;;
“आदिवासियों को हीन दिखाकर
अपने आप को दिन दिखाते;;
” हमने रोजगार दिए जीने के लिए माटी दिये।
ओ समाज हमें ठेंगा दिखाती;;
“आरक्षण आरक्षण कहके चिढ़ाते
आरक्षण को जैसी भीख कहते;;
“हक की बात हमसे कहते
जबकि आरक्षण का परिभाषा तक नहीं जानते;;
“आरक्षण नहीं अधिकार है हमारा
सारे जहां आसमान है हमारा;;
“”छल कपट झूठ फरेब हमने नहीं जाना
हमने सबको अपना माना;;
“असामाजिकताअन्याय लूटपाट ठग जग
इन तमाम चीजों से हमारी व्यवस्था हमेशा रही सजग;;
“ईमान हमारी पूंजी है
मानवता हमारी दौलत;;
“दया करुणा की भाव हमारी
प्रकृति सम्मत व्यवहार हमारी;;
“स्त्री पुरुष का नहीं है भेद
नर नारी समान अधिकारी;;
“”पेन ठाना हमारी अंगना
एक साथ बैठ करते मनगणना;;
“महानता का मानवता
आदिवासी ही जानता;;
——-——–——–——–
निर्माता- विशेष कांगे

 910 total views,  12 views today


Facebook Comments

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Loading…

0

सर्व आदिवासी समाज ने शहीद गेंद सिंह को याद कर शक्ति दिवस मनाया

अजजा शासकीय सेवक विकास संघ छग के प्रांतीय बैठक में लिए गए कई अहम फैसले