बंदूक की नोक पर कराया जा रहा सरेंडर- सर्व आदिवासी समाज


बस्तर- दंतेवाड़ा के शांतिकुंज में कथित आत्मसमर्पित नक्सली के आत्महत्या के मामले में अब सर्व आदिवासी समाज ने भी मोर्चा खोल दिया है। समाज की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दंतेवाड़ा में लोन वर्राटू अभियान के नाम पर बंदूक की नोक पर निर्दोष आदिवासियों को समर्पण करवाया जा रहा है और इसका ताजा उदाहरण गुड़से की पाण्डे और जोगा हैं। इन दोनों सेहलियों को सुरक्षा बल के जवान कोठार उठानी के बाद जबरन घर से उठाकर लाए और पेड़ पर बांध दिया। दोनों के साथ मारपीट की गई और गोली मारने की धमकी देते हुए इन्हें सरेंडर करने कहा। इसके बाद मजबूरी में दोनों आत्मसमर्पण के लिए तैयार हुए और अंतत: पाण्डे ने शांतिकुंज में आत्महत्या कर ली।

पांडे के परिजन को 25 लाख का मुआवजा दें

सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर और महासचिव तिमोथी लकड़ा ने इस मामले की जांच के साथ-साथ पीड़ित परिवार को 25 लाख मुआवजा देने की मांग की है। यही नहीं उन्होंने आरोप लगाए कि तीन महीने पहले समाज की ओर से सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से सूचना के अधिकार के तहत इनामी नक्सलियों की सूची मांगी थी लेकिन अभी तक सूची भी उपलब्ध नहीं करवाई गई है।

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