जिला बालोद के गोंडवाना भवन में खोला गोटूल शिक्षा केंद्र:


कॉलेज व स्कूल में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स की पढ़ाई गांव में होती रहे। इसके लिए रेवती नवागांव में 20 आदिवासी युवाओं ने पहल की और गोंडवाना भवन में गोटूल शिक्षा केंद्र खोला। जहां क्लास लग रही है। विद्यार्थियों को अंग्रेजी, गणित और छत्तीसगढ़ी पढ़ाने के लिए 5 जिले के विषय विशेषज्ञ भी पहुंच रहे हैं। यहां बेटियां यह भी सीखती है कि वे बेबाक भाषण कैसे दें। हर हफ्ते सेमिनार हो रहा है। कोरोना के चलते एक ओर सभी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई बंद है। वहीं दूसरी ओर जिले के रेवती नवागांव में पढ़ाई जारी है। संभवतः यह जिले का पहला ऐसा गांव है जहां कोरोनाकाल मे भी विद्यार्थियों ने गार्डन, मंच और बरामदे जैसी जगहों पर अपनी पढ़ाई पूरी की और यह सिलसिला अब सामाजिक भवन में जारी है। स्कूल-कॉलेज बंद होने का असर यहां नहीं हुआ। आपदा में पढ़ाई का नुकसान किसी ने होने नहीं दिया। मन लगा कर पढ़ाई की और सभी 55 विद्यार्थी पास भी हुए। अब गांव के 20 आदिवासी युवाओं ने गोंडवाना भवन में गोटूल शिक्षा केन्द्र खोला है। ताकि गांव के बच्चों को अच्छी शहर में संचालित स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा मिल सके इसलिए स्वयं के खर्चे से प्रोजेक्टर, कम्प्यूटर उपकरण और निशुल्क वाईफाई और लाइब्रेरी की व्यवस्था की है।

अब ऑनलाइन पढ़ाई की तैयारी, छत्तीसगढ़ी और इंग्लिश पर जोर
गोटूल शिक्षा केंद्र के टिकेश्वर नागवंशी बताते हैं कि यहां होने वाली क्लास को और भी ज्यादा प्रभावशाली बनाने पर काम किया जा रहा है। नए साल में गोटूल शिक्षण केंद्र को ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके बाद शिक्षक मौके से पढ़ाई करवा पाएंगे। यहां विद्यार्थी प्रोजेक्टर के माध्यम से देखेंगे।

यह हैं प्रमुख प्रशिक्षक जिन्होंने उठाई है जिम्मेदारी
पसौद डौंडीलोहारा से पावस कांत देवहरे (बीई मैकेनिकल), रेवती नवागांव से कार्तिकेय नागवंशी (एमएससी फिजिक्स), सिहावा नगरी से प्रतीक जैन (बीई, ईटी एंड टी, नेट हिस्ट्री), कवर्धा से ओमप्रकाश पाटिला (एमए पॉलिटिकल साइंस, नेट), कवर्धा से प्रतीक साहू, दुर्ग से संतोष कुंजाम (एलआईसी डेवलपमेंट ऑफिसर), राजनांदगांव से संजय धुर्वा (शिक्षक), दुर्ग से कामता बंजारे (एमए जियोग्राफी, नेट) प्रमुख प्रशिक्षक हैं। जो लगातार सेमिनार लेकर विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी करवाने जुटे हैं। साथ ही साथ सभी प्रशिक्षक यूपीएससी की तैयारी भी कर रहे हैं।

युवाओं को मुफ्त में पढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया
नवयुवक-नवयुवती मंडल व गोटूल शिक्षण केंद्र के सदस्य योगेश नागवंशी बताते हैं कि लॉकडाउन में गांव में एक अजीब सी शांति थी। मानो कोई अनहोनी होने वाली हो। ऐसे में दिल्ली में दृष्टि आईएएस कोचिंग से घर लौटे कार्तिकेय नागवंशी ने युवाओं की टीम तैयार की और गांव के युवाओं को निःशुल्क पढ़ाने प्रेरित किया।

यहां व्यक्तिव विकास पर भी दिया जा रहा जोर
नवयुवती मंडल की अध्यक्ष वंदना नागवंशी बताती हैं कि यहां इंग्लिश, गणित, विज्ञान के अलावा छत्तीसगढ़ की मूल संस्कृति बोली, तीज त्यौहार , परंपराओं, संवैधानिक, नार्र व्यवस्था का अध्ययन करवाया जाता है। अनिल कोरकोट्टा ने बताया कि गोटूल शिक्षा केन्द्र का मूल उद्देश्य प्रतियोगी व रोजगार मूलक शिक्षा उपलब्ध कराना है। व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण जागृत करने व सामाजिक, आर्थिक, शिक्षा को बढ़ावा देना है

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