गोंडवाना समुदाय आज मना रहा है साल का पहला तिहार मरका पंडुम


पुनांग मर्का जोगवनी नेंग / कोयतोरक ना पुनांग वड़सा / मरकांग पहना या पोलहना या पंडुम आज कैयक येर (कांकेर) में

कोया पुनेम के ज्ञान गुरु मुठवा पहांदी पारी कुपार लिंगो के दर्शन अनुसार कोयतुर मांदी महत्वपूर्ण फसल व फलों को पुरखा पाट को सर्वप्रथम अर्पण करने के पश्चात् ही ग्रहण करने का प्रावधान है। इसी क्रम में फलो का राजा आम (मरका) को भी हजोरपेन व बुढ़ालपेन ( पुरखापाट) को अर्पित किया जाता है। यह परब चैत्र पुन्नी में मनाया जाता है। प्रकृति में पाये जाने वाले पेड़ पौधों एवं वनस्पतियों में पतझड मौसम के बाद नये कोपल पत्ते फल फुल के नव आगमन की खुशी का नेंग नियम ही पंडुम या पोलहना है। पेन बानाओं (पेन पुरखा) में सेवा-अर्जी विनयी कर फल फूलों का अर्पण करना व उसके बाद ही समाज में उक्त फल फसल का ग्रहण ही पंडुम है। कोया पुनेम के अनुसार किसी भी फल फसल का जब तक परिपक्व नहीं हो जाता तबतक उसका उपभोग अप्राकृतिक बताया गया है ।

जब वह परिपक्व होता है तभी उसका उपभोग प्रकृति नियम का पालन होता है। इस पंडुम का मूल उद्देश्य “उत्तम परिपक्व बीज सुरक्षित ” बनाये रखने के लिए ही यह पंडुम मनाया जाता है। इस नेंग के एक महीने बाद ही ” बीज नेंग नियम ” अर्थात् विज्जा पसिहना किया जाता है। मरका पोलहना प्रत्येक नार में एक सुल में गायता की सहमति लेकर सभी गांव वासी एक दिन जिम्मीदारीन याया के गुड में सर्वप्रथम मरका पह ते हैं अर्थात् आम को खाप कर माटी धरती को अर्पित करते हैं ।यह तिहार इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसके दूसरे दिन कुमुड़ आकी में नये वर्ष में बुनने के लिए रखी गयी धान बीज विज्जा वंजींग को बांधकर प्रमुख रास्ते के ऊपर रख दिया जाता है। उसके पश्चात् ही सब अपने-अपने घर के बुढ़ालपेन ( पुरखा पाट) को सुविधा अनुसार मरकांग पोलहाते हैं ।यह तिहार बस्तर अंचल के सभी कोयतुर नार में बड़े उल्लास के साथ मनाया जाता है। इसी कड़ी में गोण्डवाना समाज समन्वय समिति, बस्तर संभाग की इस वर्ष का मरकांग पोलहना कल यानि चैत पुन्नी नौ गड़ी मतलब 11 अप्रैल को नार्र कैकएर में वृहत रुप में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें सभी परगना के पेनक को नेवता भेजा गया है। इस कार्यक्रम में मांझी, पेनक मांजी, चालकी, मेम्बरीन व गायता पुझारक पटेल मुखिया व कोयतुर सगाजन उपस्थित हैं । इस आयोजन में बच्चे महिलाएं व सियानक सभी की उपस्थिति होती है व सामूहिक रुप से आम फल को हजोरपेन व बुढ़ालपेन को अर्पण के पश्चात् सामूहिक रुप से नये आम का उपभोग किया जायेगा । इस दौरान रेला पाटा, लिंगो पाटा, गुटा पर्रांग का आयोजन है।
आप सभी को मरकांग पोलहना दिया की बधाई व बेस कामनाएं । पुनांग वड़सा की पुनांग मरका चैक ले आयी।
लिंगो बाबोना सेवा-सेवा
होजोरपेन ता सेवा-सेवा
बुढ़ालपेन ता सेवा-सेवा
जिम्मीदारीन याया ना सेवा-सेवा
सगा मांदी ता सेवा-सेवा ॥

🖋 कोसो होड़ी लंकाकोट बस्तर ।

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