गोटुल व जिमेदारिन याया माता गुड़ी का होगा पुनरुद्धार सह सौंदर्यीकरण


कोंडागांव:- आदिवासी बहुल कोंडागांव जिला छत्तीसगढ, बस्तर संभाग अनुसूचित क्षेत्र मे आदिवासीयो की मांग एवं जरूरत के हिसाब से यहा कि  जनजातियो एवं मूलनिवासीयो की विश्व प्रसिद्ध प्राचीनतम सभ्यता  ,रीति- नीति- संस्कृति व परम्पराओ को यथावत व अक्षुण्ण बनाये रखने तथा संरक्षण के लिये जिला प्रशासन व छत्तीसगढ सरकार के बस्तर विकास प्राधिकरण के सहयोग व उपयोग तथा भारत सरकार के – 275 मद के उपयोग से कोन्डागाव जिले के प्रत्येक गांव /नार्र मे गोटुल गुड़ी व जिमेदारिन याया की मातागुड़ी का पुनरुद्धार सह सौन्दर्यीकरण करने का निर्णय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निर्देशन में जिला प्रशासन कोंडागांव ने आदिवासी एवम् मूलनिवासी समाज की समाज प्रमुख़ गायता, पटेल व पुजारियों की सलाह पर लिया गया है।

अनुच्छेद 275 आदिवासी उप योजना मद क्या है

भारत सरकार मे यह निहित है कि ” भारत के वार्षिक बजट बनाने के पहले ही भारत देश के कुल वार्षिक बजट/आय का 10% हिस्सा या राशि भारत देश के मूलनिवासियो अर्थात यहा के  tribal / आदिवासीयो के सर्वांगीण विकास एवं उत्थान तथा उनके रीति – नीति – संस्कृति – परम्पराओ व जीवन हेतु अलग से रखा जायेगा । इसलिये प्रतिवर्ष बजट पेश होने से पूर्व या कुल बजट का ही 10% राशि 275 मद मे अलग कर रखा जाता है।

कारण
क्योंकि आदिवासी / tribal/ Indigenous  ही इस भारत देश के मूल मालिक है ।

टीप:- ( 275 मद व आदिवासी ही इस भारत देश के मूल मालिक है कि विस्तृत जानकारी व साक्ष्य प्रमाणित रूपो मे आप – सब को विभिन्न tribal youtube चैनलो व सोशल साइट्स तथा गुगल आदि मे विस्तृत रूप मे मिल जायेगी । )

कार्यालय कलेक्टर जिला – कोन्डागाव छत्तीसगढ  ( आदिवासी विकास शाखा ) के आदेश र्कमाक/आ•वि•/ब• वि• प्रा• /504 /2021 -22 कोन्डागाव दिनांक 02 /07 /2021 के परिपालन मे कोन्डागाव जिले के कलेक्ट्रेट सभागार मे दिनांक 06 /07 /2021 को कोन्डागाव जिले के प्रत्येक गांव / नार्र  तथा क्षेत्र के मांझी  / चालकी / पटेल  / गायता / पुजारी  व आदिवासी/tribal समाज के समाज प्रमुखो व समाज के ही संवैधानिक पदो मे चुने हुये जनप्रतिनिधियो तथा शासन-प्रशासन की सयुक्त टीम की बैठक मे दिनांक  06 / 07 / 2021 को लिये गये निर्णय एव प्रस्ताव अनुसार सर्व आदिवासी समाज जिला कोन्डागाव व गोन्डवाना समाज समन्वयक समिति जिला कोन्डागाव / बस्तर  छत्तीसगढ की ओर से भारत देश के आदिवासी / tribal समाज व लोग से यह अपील/ निवेदन करता है कि कोन्डागाव जिले के साथ ही बस्तर संभाग व पूरे छत्तीसगढ तथा भारत देश के सभी गांव / नार्र मे आदिवासी रीति – निति – संस्कृति  , परम्परा -व्यवस्थाओ को एक रूपता लाने व रखने   जिला – कोन्डागाव /बस्तर छत्तीसगढ मे निर्माण हो रहे गोटुल गुड़ी व जिमेदारिन याया माता गुड़ी के परम्परागत संरचना / डिजाईन का परिपालन करते हुये भारत सरकार के राजकोष मे आदिवासीयो के लिये निहित  275 मद / राशि व अपने-अपने राज्य  जिला मे निहित tribal Fund का उपयोग कर एकरूपतापूर्ण डिजाईन मे अपने-अपने क्षेत्र / गांव  / नार्र मे अतिशीघ्र गोटुल गुड़ी व जिमेदारिन याया माता गुड़ी का नव निर्माण / पुनरुद्धार एवं सौन्दर्यीकरण करने का कष्ट अवश्य ही करे ।

कोंडागांव जिला मे बन रहे गोटुल, जिमेदारिन गुड़ी का बजट (1) – गोटुल गुड़ी  = 10 लाख/ दस लाख रूपये । (2) – जिमेदारिन याया माता गुड़ी  = 10 लाख / दस लाख रुपये है।

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