कोयलीबेड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों ने मंत्री कवासी लखमा से मिलकर करका घाट से BSF कैम्प हटाने के लिए ज्ञापन दिया


रायपुर- आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कोयलीबेड़ा से आये मांझी मुखिया एवं जनप्रतिनिधि मंडल से उनके आवेदन पेन स्थल से BSF केम्प हटाने की मांग पर अनुशंसा कर पत्र को गृह विभाग मे भेजने की बात कही।
गौरतलब है कि पिछले 13 दिनों से धरना में बैठ कोयलीबेड़ा विकास खण्ड पॉचवी अनुसूची क्षेत्र से तुमीर घाट एवं कराघाट से बी एस.एफ कैम्प को हटाने 103 ग्राम पंचायत के 300 गांव के हजारों ग्रामीण 23 दिसम्बर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं. चौथे दिन 18 सरपंच, 3 जनपद पंचायत सदस्य, 1 जिला पंचायत सदस्य ने सामूहिक इस्तीफा एसडीएम पखांजूर को सौंप दिया है. ये ग्रामीण करकाघाट और तुमराघाट में पांच दिन तक आंदोलन कर चुके हैं और अब पखांजूर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ है। यहां के ग्रामीण अपने साथ राशन और बिस्तर लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
संविधान के अनुच्छेद 244(1) , अनुच्छेद 13(3) क के अनुसार बिना ग्राम सभा को बिना पूछे भी.एस.एफ. कैम्प का निर्माण उक्त क्षेत्र में किया गया जो की संविधान विरूद्ध है और 37 गांव के इष्ट स्वरूप तुमीरघाट के साहजा पेड़ को उखाड़ दिया गया तथा पेनरूप भूरसा मांझी गुड़ी को उखाड़ दिया गया जो हमारे रूढीगत परंपराओं और आस्था पर करारा कुठाराघात है जिसका सर्व आदिवासी युवा प्रभाग घोर विरोध करता है युवा प्रभाग का कहना है कि कैम्प का हम विरोध नहीं करते, हम चाहते हैं कि वह हमारे पेन स्थल से अन्य जगह हटाया जाए ।
रायपुर में सामाजिक प्रमुखों ने आबकारी मंत्री कवासी लखमा से मुलाकात कर गम्भीर विषयों पर ज्ञापन दिया गया ।
यह है कि बस्तर सम्भाग 5 वी अनुसूची क्षेत्र है एवं पेशा वन अधिकार कानून लागू किया गया है संविधान अनुच्छेद 244(1) अनुच्छेद 13(3) क के अनुसार रूड़ी पराम्परागत विधि का बल है किन्तु शासन – प्रशासन के द्वारा संविधान कानून का उलंघन लगातार किया जा रहा है ।
यह कि कोयलीवेड़ा क्षेत्र के कराघाट व तुमीर घाट मे बी.एस.एफ. कैम्प स्थापित किया गया है यहां हमारे आदि देव स्थल है अनुसूचित जनजति के लोगो की बिना सहमति से कैम्प बनया गया है जिसमे हटाने की मांग किया गया । तथा तुमीर घाट पदल परगना के 37 गॉव के लोग सहजा पेड़ में सेवा अर्जी कर रहे थे उस पेड़ की बी.एस.एफ. जवानों ने उखाडकर फेंक दिये है और हासपेन तिरूमाल भूरसा मांझी का गुड़ी को भी उखड़ कर फेक दियें है इस क्षेत्र आदिवासियों का आस्था एवं संस्कृति की भवनाओ को पहुचा है । इन सारी समस्याओं को माननीय मंत्री जी को कोयलीबेड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों व समाज प्रमुखों ने जानकारी अवगत कराया।
सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों द्वारा मंत्री जी से मुलाकात कर गम्भीर विषयों पर कार्यवाही की ज्ञापन के द्वारा मांग किया गया ।

खबर- दीपक जुर्री

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